वार्धक्य: कुछ निजी अनुभव
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साहित्य हमेशा अपने समय की गतिविधियों और समस्याओं को बिना पर्दे के हमारे सामने प्रस्तुत करती हैं । समाज में स्थित समस्याओं को बड़े आसानी से जनता तक पहुँचने की एक सशक्त माध्यम है कहानी। वर्तमान समय के हाशिएकृत पहलुओं में एक प्रमुख हैं वृद्धजन की समस्या। बढ़ते उपभोक्तावादी दृष्टिकोण के कारण परिवार में बूढ़े-बुजुर्ग आजकल अकेले और उपेक्षित पड़ रहे हैं। साथ ही इन लोगों को कई प्रकार के शारीरिक, मानसिक, और आर्थिक शिथिलताओं से भी गुजरना पड़ता हैं। इन सभी समस्याओं का चित्रण इस लेख में करने का प्रयास किया गया हैं।
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